DL91 FM
Track

Abaad

Album:DL91 FM

Intel / Context

Brief

"Abaad" delves into the artists' personal struggles, their quest for purpose amidst adversity, and the constant negotiation between hope and despair. It reflects on resilience and finding solace even in challenging circumstances.

Type
Track
Vibe
Introspective

Written By

Seedhe Maut

Lyrics / Hindi

ENCORE ABJ

चले मेरी बातें सौ

Encore ये और Encore वो

Encore को कहना है जो, कहते रहो

Encore पे देने को है fucks नहीं दो

पर ये धक्के मेरी असलियत

दिखा रहे हैं मुझे कुछ और ही, bro

दबाने वाली नहीं है शख्सियत

गांड में घुसा लो अपने sorry को

फर्क पड़ता है

दूजों के लिए कौन लड़ता है

कोई काटता है नस, कोई काटता है दिल

कोई काटता है औरों के लिए, परवाह है

मेरा भेजा, मेरा सर खाए

खाली डर से कौन डरता है?

तू प्यार खोने से डरता है

क्या तू जान खोने से मरता है?

नाम अमर! ए शाबाश

काम ना करे हताश

जब भी जान खोता है जांबाज

लेता है नया जनम, नया लिबास

रहता है सदा आबाद

तेरा नाम रहे आबाद

बरबादी में डरना नहीं

जांबाजी में आबादी

GHAATAK

अंधकार ज़िंदगी में, प्रकाश की खोज

कैद पिंजरे में, परिंदे को आकाश की खोज

खुशियों में माँ, मैंने नाराज़ की बहुत

कहा लोगों ने, जो दिल ने—ये आवाज की शोर

सीख लिया जीना, छोड़ समझ की

छोड़ मैंने हालातों के चलते संभाल ली डोर

और जब से रहा बस, बावे कमाल ही हो

और जीना मुझे ऐसा, कोई मलाल नहीं हो

गांड घिसी रात दिन

Studio में खाना रखा, याद भी ना fasting

चेहरे पड़े लाल, हो बहादुर—बावे Tashkent

आंखें ही बता देती हैं राज़ कहे बात बिन

लौंडे के लगादी मुँह tape—बावे masking

जी लिए थे ख्वाब काफी साँस बिन

भाई बोले “Ghaatak, 91 तेरा याद दिन”

घिस दे तू घिस सके, जितना—मना नहीं आज दिन

आना पे है ख्वाब Delhi भर

औकात के भार, औलाद पे

आंख जो दिखा दूँ, रहे हार औकात में

कर गए दादा मेरे, भर औकात से

अब देख रहा उम्मीद, तभी बाप औलाद में

और अब ना वो जाने, कि हैं लाख औलाद में

और photo भी तो कम ही हैं साथ collage में

छक्के दूँ चूड़ा मैं

चले हाथ Pollard से

बिक जाते रिश्ते यहाँ लाख दो लाख में

Attempt है ये last अब

पैसे मारे BPO में—task उस

बावे born warrior, चबा के मैं कांच बस

बता के बना—ना बना—बना के मैं बात बस

पाँव बैठा जमा के मैं आज

बस जले डल्ले चाहे जाए

आंख लग

उठूँ ही ना

काम लगे पास वक़्त

नाम रहना—सदा ही आबाद

मैं शाश्वत

माँ बोले “चीजें नहीं आ रही पसंद देख के price tag”

तो दिल दुखे, बावे—मेरा फेंक दे ice pack

सवेरा गुज़र रहा—ना देख के time में

कल सोचता था—कर रहा क्या लेटे के chai में

खा़तिर नौकरी में फँसा

पापी पेट की भाई मैं

और ख्वाबों को हटाया

जो आंखें देखती आई हैं

और टूटे गए ख्वाब

शर्म बेच दी भाई जी

उड़ान भरी उम्मीदों ने

तेज़ missile से

ENCORE ABJ

चले मेरी बातें सौ

Encore ये और Encore वो

Encore को कहना है जो, कहते रहो

Encore पे देने को है fucks नहीं दो

पर ये धक्के मेरी असलियत

दिखा रहे हैं मुझे कुछ और ही, bro

दबाने वाली नहीं है शख्सियत

गांड में घुसा लो अपने sorry को

बरबादी में डरना नहीं

जांबाजी में आबादी

Battle Reports

ENCORE
VS
GHAATAK
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Words
3449
Bars
89207
Vocab
2449
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