Bhussi
Intel / Context
Brief
"Bhussi" is a cinematic storytelling track from Seedhe Maut's collaboration with KSHMR and Karan Kanchan, narrating a grocery store robbery that goes fatally wrong when an accidental gunshot kills the shopkeeper. Through vivid street-level detail, the song explores how poverty and desperation push people into crime, with the duo painting unflinching portraits of Delhi's underbelly — from drug-fueled bravado to the hollow realization that money numbs shame but never erases it.
Produced By
KSHMR, Karan Kanchan
Written By
Seedhe Maut
Lyrics / Hindi
तेरी, भुस्सी और मेरी आदत
जेबें हैं फटी तो मैं जनाब अब
लेके चलता लौंडों को जो भुस्सी भरदे आकर
तेरे बाप अब हैं खड़े तो ना दिखा तू ताक़त
छीनूँ आके तेरा TV, मुझको ना दिखा ये नाटक
हम हैं आफत
माँ कसम मैं आता वहाँ से, जहां पे कंधा दे तू, तेरे कंधे काटें
आँखें चोरी कर तू, मारें आकर तेरे अंदर चांटें
मारे अंधे चांटे
करले बंद आवाज़ें
बंदों को दिखा दें सर पे किसके ताज है
आजा
लगे भूक खाजा
Nickname Gara
बना भूत डाला
करा scene आधा, घूट मेरा काढ़ा
बोल मुझे, "Papa", मैं नहीं तेरा बावा
लेके चौड़ी छाती, पीटा चौकीदार भी
मुंह पे माँ की गाली, इसकी चैन छीन (ज़प्त)
सुबह करी मार पीट, शाम में तड़ीपार भी
रात में बेचा charlie, उड़े पैसे वो cat पे
बंदे घूमे चौड़े नशे में smack के
इलाके के हरामी लौंडे बेठे जो ऐंठ के
किराने की दुकान में घुसे कट्टा खैंच के
अगर मिला नही जो चाहिए, घुसे भेजे में (Pew, pew)
साथी बोला, "आगे-पीछे देख के चल और पैसे लेते भगियो तू उतारियो ना वो कपड़ा मुंह से"
चाहते नही के भांडा फूटे, कपड़ा डाला मुंह पे
कट्टा डाला जेबों में और चौड़ा होके दोनों घुसे तभी
Ahem-ahem, क्या चाहिए भाई?
देखा आगे-पीछे होना चाहिए एक भी गवाह नहीं
निकाली बंदूक, पूछा, "कहां है संदूक?"
मुझे चाहिए पूरी loot, आया लेने खाली छुट्टा नहीं
भुस्सी, भरे जाऊं भुस्सी, सुनें जाऊं खुदकी
मिलेगी खुशी, लूंगा जब Gucci
तेरा भाई Bruce Lee, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, सुनें जाऊं खुदकी
मिलेगी खुशी, लूंगा जब Gucci
तेरा भाई Bruce Lee, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, भरे जाऊं—
मुझे लगा मैंने भुस्सी भरदी
पर उस ताऊ की उस गाँव में चलती
बोला, "बेटा, तुम कर रहे हो ग़लती
मुझे मारके मिलेगी तुम्हे मौत भी जल्दी
मेरा बेटा आने वाला है shop में
बल्कि लेके आयेगा वो लौंडे तो होगी गर्दी"
उसने बातों में लगाया
तब तक shop में चलती आई एक महिला, वो खौफ से कट ली
मेरे हाथ से चल गई गोली, आंख में भर गई
उसकी सांस सरक गई
गिरा फर्श पे वो सीधा, वहाँ की tile पे चटक गई
पहली बार ली थी जान, थोड़ी गांड सी फट गई
अब मैं बन चुका हैवान, है पाताल में चलती
जहाँ से आ रहा पैसा, वहाँ से आने दे
आगे-पीछे कोई नहीं, मेरे nominee का नाम ही नहीं है
वो पूछे, "मुझे आती नहीं शरम?" मैं कहता, "आती है"
पर पैसा भी है आता तो शरम निकल-सी जाती है
क्या?
कोई सवाल?
चाहिए पैसा तभी लौंडे हैं बवाल
आए note क्यूंकि करते हैं कमाल
तभी लेके घूमें साथ में ये सामान
और एक जीब में है blade छुपी, बीच में है पेट धुकी
भरूं इससे या भुस्सी भरूं में तेरे सेठ की भी
पीछे PCR और आगे दिखे मुझे तेज़ money
पुश्तों को पता चलेगा मेरी "I made money"
भरी मैंने
भुस्सी, भरे जाऊं भुस्सी, सुनें जाऊं खुदकी
मिलेगी खुशी, लूंगा जब Gucci
तेरा भाई Bruce Lee, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, सुनें जाऊं खुदकी
मिलेगी खुशी, लूंगा जब Gucci
तेरा भाई Bruce Lee, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, भरे जाऊं—
भुस्सी, भरे जाऊं भुस्सी, सुनें जाऊं खुदकी
मिलेगी खुशी, लूंगा जब Gucci
तेरा भाई Bruce Lee, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, सुनें जाऊं खुदकी
मिलेगी खुशी, लूंगा जब Gucci
तेरा भाई Bruce Lee, भरे जाऊं भुस्सी
भरे जाऊं भुस्सी, भरे जाऊं—
भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी, भरे जाऊं
भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी, भरे जाऊँ मैं भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी, भरे जाऊं
भुस्सी, भुस्सी, भरे जाऊँ मैं भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी
भुस्सी, भुस्सी, भुस्सी, भरें भुस्सी
Battle Reports
Intel / Context
Brief
"Bhussi" is a cinematic storytelling track from Seedhe Maut's collaboration with KSHMR and Karan Kanchan, narrating a grocery store robbery that goes fatally wrong when an accidental gunshot kills the shopkeeper. Through vivid street-level detail, the song explores how poverty and desperation push people into crime, with the duo painting unflinching portraits of Delhi's underbelly — from drug-fueled bravado to the hollow realization that money numbs shame but never erases it.
Produced By
KSHMR, Karan Kanchan
Written By
Seedhe Maut