
Intel / Context
Brief
Chidiya Udd critiques societal apathy and corruption, contrasting the superficial cleansing rituals with the deeply ingrained moral decay. The song explores themes of political manipulation, economic disparity, and the normalization of evil.
Written By
Seedhe Maut
Lyrics / Hindi
Sez on the beat boy
चिड़िया उड़
ये चाहते हो जाये जंग यहाँ ये चाहते गुड़
गोबर दंगा ढाये नर्क ही करदो दुनिया गुल
बन पिशाच अब खुद कर पाप है यहाँ सब चलता full
ली एक दो डुबकी गंगा में धोए पाप and
Boy I'm...
Boy I'm good
चिड़िया चुग गई खेत यहाँ बंदे बैठे तब भी चुप
करते पापी पश्चाताप नहीं कर शैतानी full
ले एक दो डुबकी गंगा में धोए पाप and boy I'm good
है speed limit 60 हूँ मैं 100 पर हैं जेब में (हांजी)
ठुल्ले, DC यार है मेरा डालेगा नी jail में (ना)
नियम गए तेल लेने
धर्म बिके sale में (hmm)
Economy दूँ gear मेरा
पैसा उगे पेड़ पे (हाथ का मैल है जी)
यहाँ का सेठ मैं (लाला)
EVM से मस्ती दारू देके करूँ बाँटे में (haha)
मछली फँसी काँटे में है जाला पूरी lake में (फँसो)
निवाला छीना तेरा खाना पड़ा मेरी plate में
ये power आती मेज़ से
"लड़ो bc" - adlib
Hate से
शुद्धता चली सैर पे
Propaganda की देन ये
नक्शेकदम Adolf के
रणनीति हुई नी fail ये
पट्टी पढ़ाके चैन से
लूँ एक दो डुबकी गंगा में धोए पाप and boy I'm good
चिड़िया उड़
ये चाहते हो जाये जंग यहाँ ये चाहते गुड़
गोबर दंगा ढाये नर्क ही करदो दुनिया गुल
बन पिशाच अब खुद कर पाप है यहाँ सब चलता full
ली एक दो डुबकी गंगा में धोए पाप and
Boy I'm...
Boy I'm good
चिड़िया चुग गई खेत यहाँ बंदे बैठे तब भी चुप
करते पापी पश्चाताप नहीं कर शैतानी full
ले एक दो डुबकी गंगा में धोए पाप and boy I'm good
है बैल गाड़ी 5 (km/h) पे और कौड़ी नहीं है जेब में
ठुल्ले नी हैं यार वो सीधे देंगे डाल jail में
सेब के हैं पैसे नी
खरीदू धर्म sale पे
और Fall है free की नफ़रत
मेरा पैसा नी है पेड़ पे
यहाँ फ़रेब में
चुनूँ मैं चुनावो में जो देता दारू पेल के
वादों का ये काँटा फेंका ग़रीबी के lake में
और छीने ये निवाला मेरा खाना इनकी plate में
Finyl मेरी मेज़ पे
खींचूँ neat मैं
मासूमियत गई सैर पे
Propaganda की देन ये
नक्शेकदम किसानों के
लगालूँ फाँसी पेड़ पे
डुबा ले मेरी लाश को
वो ऊपर आजाएगी तैर के
चिड़िया उड़
ये चाहते हो जाये जंग यहाँ ये चाहते गुड़
गोबर दंगा ढाये नर्क ही करदो दुनिया गुल
बन पिशाच अब खुद कर पाप है यहाँ सब चलता full
ली एक दो डुबकी गंगा में धोए पाप and
Boy I'm...
Boy I'm good
चिड़िया चुग गई खेत यहाँ बंदे बैठे तब भी चुप
करते पापी पश्चाताप नहीं कर शैतानी full
ले एक दो डुबकी गंगा में धोए पाप and boy I'm good
Battle Reports
Intel / Context
Brief
Chidiya Udd critiques societal apathy and corruption, contrasting the superficial cleansing rituals with the deeply ingrained moral decay. The song explores themes of political manipulation, economic disparity, and the normalization of evil.
Written By
Seedhe Maut