
Intel / Context
Brief
"DL91 FM" delves into themes of addiction, troubled relationships, and the artists' struggles and perspectives on life in Delhi. It paints a picture of navigating complex emotions and the city's harsh realities.
Written By
Seedhe Maut
Lyrics / Hindi
बन्दी तू ज़िद्दी मेरे घर पे क्लेश लाए
बन्दी तू ज़िद्दी बोलूँ left तो she takes right
बन्दी तू ज़िद्दी she addicted to the fake likes
बन्दी तू ज़िद्दी उसको जीनी नहीं है safe life
बन्दी तू ज़िद्दी मेरी बातें सुन, न देख hype
बन्दी तू ज़िद्दी खाली ख़्वाब बुन, न देख खाई
बन्दी तू ज़िद्दी lemme take u on a date right
बन्दी तू ज़िद्दी वो कराती मुझे wait like..
पैसों का इश्क़ लाए और तू करती dick ride
और ये खच्चर सोचें अमीरों में कैसे fit आए
Crime से है नाता और न ज़्यादा मेरा स्टाइल
दूर गई दिल से, अब दूर खड़ी होकर देख ये big life
बुरी लड़की पहचानो, मैं देता 5 tip
लालची, स्वार्थी, आलसी — fuck this shit
ज़िद्दी लड़की दिल तोड़े, वो 8 x 8 की (64)
ये बन्दे लेते बकचोद, औक़ात झट बाय झट की
और बस
सुकून देता ख़ास
ये प्यार देता दर्द और प्यार देता डर
और हवस के कुत्तों के आगे मोहब्बत है कम
और गाँव मेरा वहीं जहां औरत होती ज़ख़्म
बता कहाँ जाऊँ
Ego की है जंग तो मैं हार जाऊँ
अगर बढ़ती सेहत तो शायद मैं ख़ार खाऊँ
हँस के देती pussy जब वो नशे करती meow meow
और उसके जैसे ही ये बजती दिल्ली और ये downtown
Bitch talk और bitch talk और bitch talk
बन्दे मेरे ऐसे सीधे, ज़िंदगी पे full stop
चेहरे लगे ख़ास जिसपे एरिया की धूल हो
और छेड़ करे इतना जिससे छाती पे दे moonwalk
बन्दी तू ज़िद्दी मेरे घर पे क्लेश लाए
बन्दी तू ज़िद्दी बोलूँ left तो she takes right
बन्दी तू ज़िद्दी she addicted to the fake likes
बन्दी तू ज़िद्दी उसको जीनी नहीं है safe life
बन्दी तू ज़िद्दी मेरी बातें सुन, न देख hype
बन्दी तू ज़िद्दी खाली ख़्वाब बुन, न देख खाई
बन्दी तू ज़िद्दी lemme take u on a date right
बन्दी तू ज़िद्दी वो कराती मुझे wait like..
ज़िद्दी इतनी, तेरी लात है ज़्यादा, पीलूँ मैं ये ciggy जितनी
बातें सारी झूठों होतीं, messages में लिखती जितनी
धुंधला सब है दिल्ली जितनी, घातक तू है ज़्यादा मुझसे
सर पे लेकर मौत घूमे, मौत से तू मिलती इतनी
Damn!
इतने तेज़, इतनी तेज़, कम ही बोला जितनी तेज़
घर ही बहाने सोच, मिलने आती कितनी तेज़
Ash जो करा दे, उसके साथ दिखती
आती न है बाज़, चिकना घड़ा, पूरी तितली ये
बन्दी को पसंद बावे gang life, gang signs, landmine
छुओ जो उसे तो जाए active
Lifе चुनी ऐसी जिससे ले सकूँ न exit
दिल से वो खेलनी करे रोज़ practice
बना देती मुँह वो, न करने देती move on
खाली कर दे जेबें, चलता रहता बावे loop on
दे असली सी वो गोली, बोले मिलने का न mood और
अब चुभती जैसे धूप हो, क्लेशी ही औरत तू भूत
बन्दी तू ज़िद्दी मेरे घर पे क्लेश लाए
बन्दी तू ज़िद्दी बोलूँ lеft तो she takes right
बन्दी तू ज़िद्दी she addicted to the fake likes
बन्दी तू ज़िद्दी उसको जीनी नहीं है safe life
बन्दी तू ज़िद्दी मेरी बातें सुन, न देख hype
बन्दी तू ज़िद्दी खाली ख़्वाब बुन, न देख खाई
बन्दी तू ज़िद्दी lemme take u on a date right
बन्दी तू ज़िद्दी वो कराती मुझे wait like..
बन्दी तू ज़िद्दी, ऐसी ख़्वाबों में तू रोज़ आए
बन्दी तू ज़िद्दी, got me feeling like the pain’s fine
बन्दी तू ज़िद्दी, got me feeling like I ain’t dying
बन्दी तू ज़िद्दी, चले भेजे में तू day n night
बन्दी तू ज़िद्दी, got me fucked up
वो बोले के trust love but babe I don’t trust shit
जीता हूँ मैं कट कट कर
खोया मैं love बिन
प्यार पे न शक कर
साथ हैगा मुमकिन
पर अब भी हूँ नटखट
मैं रहता हूँ in my bag, I’m not giving a fuck
भूलूँ सारी दिक्कत when I’m smoking that bud
तेरे लिए मैं रखूँगा ये पैर in the mud
सोचूँ about that cash when I’m spilling that blood
बन्दी तू ज़िद्दी देती प्यार पर है late शायद
बन्दा मैं ज़िद्दी, खेलूँ game करूँ play decide
बन्दी तू ज़िद्दी got me thinking on a show night
बन्दा मैं ज़िद्दी, लिखूँ और I’m a GOAT right
बन्दी तू ज़िद्दी मेरे घर पे क्लेश लाए
बन्दी तू ज़िद्दी बोलूँ left तो she takes right
बन्दी तू ज़िद्दी she addicted to the fake likes
बन्दी तू ज़िद्दी उसको जीनी नहीं है safe life
बन्दी तू ज़िद्दी मेरी बातें सुन, न देख hype
बन्दी तू ज़िद्दी खाली ख़्वाब बुन, न देख खाई
बन्दी तू ज़िद्दी lemme take u on a date right
बन्दी तू ज़िद्दी वो कराती मुझे wait like..
Battle Reports
Intel / Context
Brief
"DL91 FM" delves into themes of addiction, troubled relationships, and the artists' struggles and perspectives on life in Delhi. It paints a picture of navigating complex emotions and the city's harsh realities.
Written By
Seedhe Maut