
Intel / Context
Brief
"Gandi Aulaad" is a brutally honest and self-deprecating track where Seedhe Maut reflects on their perceived failures, strained relationships, and internal struggles, portraying themselves as the 'bad seed' or 'worthless offspring'. They grapple with feelings of inadequacy, addiction, and the conflict between personal ambition and familial expectations.
Produced By
Calm
Lyrics / Hindi
तू करे roll roll
जगा तेरी स्थापित
हो चुकी
तू हो चुका है श्रापित
था तू भगवान पर अब बन गया है नास्तिक तो काए बात की हार जीत
काए बात जीना अब
मेरी रूह मुझे काटे हर अंग मुझे डांटे
बोले सब के मैं
गंदी औलाद
बगैरत नस्ल
चखने में निकला ज़हरीला प्रसाद
गाता पापी ग़ज़ल
तो समझो के जब भी मैं बनूंगा लाश
ना बिछाना कब्र
ना देना अग्नि
बड़ों को दिए fuck नी
मैं जीया खुदगर्ज़
गया अंदर से सड़
हाँ मैं गंदी औलाद
बगैरत नस्ल
चखने में निकला ज़हरीला प्रसाद
गाता पापी ग़ज़ल
तो समझो के जब भी रुके मेरी साँस
ना बिछाना कब्र
ना देना अग्नि
किसी को दिए fuck नी
ये दर्दे-जिगर
गया अंदर से
वो बोले वक़्त मिले ना दोबारा
खुदी की अय्याशियों में फँस गया बेचारा
खाई रगड़े तब
और कई मिला नी सहारा
दिल में मिट्टी भर दी इतनी साला कम पड़े सहारा
...च च च
किसी को फ़र्क नहीं पड़ता
पड़ता जिनसे उनसे खट्टा हो चुका है रिश्ता
लड़ता आदतों से जितना हो सके वो करता पर
सुरंग है काली चलता आगे
फिर हर 2 कदम पे थुकता
और साला थूकूँ भी कैसा ना जब आगे रास्ता नहीं दिखता
और रास्ता दिखे भी कैसे जब आशा का सूरज उस सुरंग के अंत में नई चमकता
चाहता था खुदसे चमकना
मैं उनमें से नहीं हूँ जो कह देते अंगूर है खट्टा
फिर खुदसे खाया और पाया कि वाक़ई में ये निकला खट्टे के ऊपर से कड़वा
चुकानी पड़ी रक़में बोहत
वो कहती अब भी लड़का नहीं करता job
ज़िंदगी का सट्टा बन चुका hip-hop
करूँ कितना साबित?
जीयूँ कितना कितनों के मुताबिक
दिल के टुकड़े 100 है लेजा तुझको जो लगे मुनासिब
मैं नहीं किसी का दोस्त
ना ही हूँ कहीं का ग़ालिब
Fuck all attitude fuck all logic लेके पाने चला सृष्टि पर दृष्टि काम आई ना
बस दिखते हैं cameras
नी दिखता है आईना
मैं..
स्वार्थी
महीनों से नी देखी मैंने शक्ल अपने बाप की
ना मिला भाइयों बहनों से तो सालों से नी पता कितने बड़े हो गए भांजा और भांजी
बस गांजा और parties नी करी मा ज़बान दी थी तुझे तभी मैंने पूरी जान दी
दूर रहा मैं जान के था ढूँढ़ रा में शांति वहाँ नानी बोली चीनू को तो फ़िक्कर
है बस Calm की हा हूँ
स्वार्थी
इन रिश्तों में पहले जैसी बात नहीं
भूल गया कैसा था मैं आदमी
स्वाद माँ के हाथ का भी याद नी
पुराने लौंडे बोले लोडू करे कभी बात नी
तो बता क्या कमाया अगर लौंडे खड़े साथ नी और इस
गंदी औलाद को बता दो कि कमा ले जितना होगी इसकी फिर भी कोई औक़ात नहीं
यहाँ गिरवी रखा प्यार और फिर गिरवी रखा था स्वास्थ भी
बस दिल बयान करा था mission बनना नायाब नहीं
ये गंदी औलाद है साला नापाक़ भी
बस गाने बना बज और दिल भरके खाली शराब पी
है माँ को भी नाराज़गी पर नाज़ भी कि बेटे ने फाड़ दी
और शुरू से ही पैसा तो था जड़ इस फ़साद की
दोनों पैसे पे बेटे से ज़्यादा देते थे ध्यान
तभी लाखों लोगों ने सुनी उस गंदी औलाद की
मुझे छोड़ दो
मैं थक गया हूँ मुझको छोड़ दो मेरे हाल पे
कुछ नहीं बचा बस हड्डिया है और खाल है
Oh! और एक है ज़बान
जिसने खा लिया है मेरा सब कुछ
सिद्धांत, और विष्णु बोले मुझको अपना रख तू ख़याल
ना डरना खड़े हम है तेरे साथ
पर इतनी सी बात
वो ना जाने मगर
है पड़ जाती जिसको है घर से ही लात
है वो जाता किधर
धोबी का कुत्ता ही रह गया जनाब
उसे जाने दो घर (जाने दे)
अन-अन-अन-अन-अन-अन-अन्हा
हुण मैं गंदी औलाद
बगैरत नस्ल
चखने में निकला ज़हरीला प्रसाद
गाता पापी ग़ज़ल
तो सुनलो के जब भी मैं बनूंगा लाश
ना बिछाना कब्र
ना देना अग्नि
बड़ों को दिए fuck नी
ये दर्द-ए-जिगर गया अंदर से-
Battle Reports
Intel / Context
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"Gandi Aulaad" is a brutally honest and self-deprecating track where Seedhe Maut reflects on their perceived failures, strained relationships, and internal struggles, portraying themselves as the 'bad seed' or 'worthless offspring'. They grapple with feelings of inadequacy, addiction, and the conflict between personal ambition and familial expectations.
Produced By
Calm