
Intel / Context
Brief
"Nafrat" explores themes of animosity, betrayal, and the complex relationship between the artists and those around them. It delves into feelings of resentment, broken trust, and the struggle to navigate personal relationships amidst external pressures.
Written By
Seedhe Maut
Lyrics / Hindi
D-D-D-J SA
Let's do this!
वो करे नफ़रत कभी नहीं संदेह
वो करे नफ़रत कभी नहीं संदेह
वो करे नफ़रत कभी नहीं संदेह
तेरे नाम पिया खंबा एक oof
तेरा दोस्त मेरे नाम पे उछलता है oof
फाड़ा मैंने तेरे नाम का एक पर्चा है, uh
मेरा नाम तेरे ज़ेहन में खटकता है oof (संदेह)
तेरे नाम पिया खंबा एक oof
तेरा दोस्त मेरे नाम पे उछलता है oof
फाड़ा मैंने तेरे नाम का एक पर्चा है, uh
मेरा नाम तेरे ज़ेहन में खटकता है oof
क्या लगता है?
क्या रहोगे यही जब बुरा वक़्त आए?
क्या रहोगे यही जब सूरज डूबता है रोज़?
और कहोगे वही जो मुझे चुभता है बहोत?
हम हैं उन्नीस बीस
हाँ तेरे बिना रहने की भी कोशिश की
पर तेरे सिवा कोई नी समझा मेरा scene
हाँ मैंने देखी ज़िंदगी भी बहोत
पर तेरे जैसी तू ही मिली मुझे मैंने दे दी पूरी ताकत तुझे बिना सोचे मेरा होगा क्या
है मैंने उम्मीदें सौंप दी
तूने बदले में सीधे मौत दी
ये शब्द है नशीले और
जब फेंकू तेरी और
उसे है पता तभी
वो करे नफ़रत कभी नहीं संदेह
तेरे नाम पिया खंबा एक oof
तेरा दोस्त मेरे नाम पे उछलता है oof
फाड़ा मैंने तेरे नाम का एक पर्चा है, uh
मेरा नाम तेरे ज़ेहन में खटकता है oof (संदेह)
मैं तेरा भाई
टूटके नी जुड़ता भरोसा है
दोहराए नहीं अभी जोभी होना होजाए
मौत आए मुझे वहाँ तू बोले “Baby होता है”
So sad तो भी रहे बटवा मोटा है
मेरा phone, मेरा plug
दोनो mobile
जिगरे में बहे दारू, no bile
तूने फिर टोका है
उसे मेरी जेब पे भरोसा है
यहाँ बस साथ चले जोटा है
नफ़रत तू ये लेके कहाँ घूमेगी
जान, मेरी शिद्दत का अंदाज़ा है नी तुझे
इज़्ज़त का दोहराना होता नी तो इल्म मत खा
यार
तेरे पीछे तीन-चार दिए मार वार
तू भी मारे मेरी करे प्यार सीधे आर पार
लौंडे साथ तो करू gang gang लेकिन लाचार
Ayy SA, let's get it
वो करे नफ़रत कभी नहीं संदेह
वो करे नफ़रत कभी नहीं संदेह
तेरे नाम पिया खंबा एक oof
तेरा दोस्त मेरे नाम पे उछलता है oof
फाड़ा मैंने तेरे नाम का एक पर्चा है, uh
मेरा नाम तेरे ज़ेहन में खटकता है oof (संदेह)
तेरे नाम पिया खंबा एक oof
तेरा दोस्त मेरे नाम पे उछलता है oof
फाड़ा मैंने तेरे नाम का एक पर्चा है, uh
मेरा नाम तेरे ज़ेहन में खटकता है
Battle Reports
Intel / Context
Brief
"Nafrat" explores themes of animosity, betrayal, and the complex relationship between the artists and those around them. It delves into feelings of resentment, broken trust, and the struggle to navigate personal relationships amidst external pressures.
Written By
Seedhe Maut