
Intel / Context
Brief
"Nawazuddin" is a boastful track where Seedhe Maut asserts their dominance and rejects the notion of being ordinary. They showcase their lyrical prowess and dismiss those who underestimate them, drawing a parallel to Nawazuddin Siddiqui's rise to fame.
Written By
Seedhe Maut
Lyrics / Hindi
12 बजे
लौंडे सवार
गाड़ी भागे
शीशे से बाहर
छाती रहे
है लौंडे दहाड़
चूहे छुपे हम ना खोदे पहाड़
लोहा ले लौंडो से जैसे लुहार
शकल है New York से लेके LA
उसने सुना और वो बोली “क्या?!!”
क्या लगता हूँ बंदा मैं मामूली?
मामूली
वो सोचे के बंदे में मामूली
कलम है जादुई
तो आती है धमकियाँ कानूनी
मेरे घंटे से fame
यहाँ पे भरते है पन्ने
जब छिलती है arteries
लौंडे बनारे monopoly
खरीदू घर इनके फिर get the fuck off my property
मामूली
होता तो मुझे पूछते नी आप
मुझे घूरते नी बाहर
ढूँढ़ते नी घर
मेरा tax return आता फिर एक पेटी से भी कम
मेरा घूमता नी सर्र
शायद भूलता नी घर्र
का मैं रास्ता वो पिघले जैसे June में
ये चरस
जैसे ही सुने गाना बोली studio में बना होगा
उससे लगू मैं मामूली लिखू pool में ये verse
जब
गिरेंगे दाँत तीस
मिलूँगा Maldives में
ये सुई पूरे वक़्त रहे चार बीस पे पर
खाली माल खींचते नी दोनो खाल खींचते हैं दुश्मनो के लहू से ये ज़बान सींचते हैं
Bakayarou तुझे मामूली लगू मैं कहाँ से बता कुछ करा तभी तो लौंडे पुराने भी चिढ़े बड़ा लू मज़े में कभी कबार नी पसंद इन्हें ये ज़रा में चढ़ा सीढ़ी तो पीछे से दसे
साँपो की तरह अबे चल
हटा
होता मामूली तो pen नी होता गाड़ा
होता मामूली तो यहाँ नी होता खड़ा
नहीं छापा होता article एक GQ ने हमारा
Rap game में हैं दो विधायक
इनका मुँह भी बना movie है गा देखने लायक
और ऐसी लगी भूक हमें कि चाटी पूरी plate अपनी पर आके करू खाना तेरी भी plate से गायब
सीधे मौत blah
वो बोली हैगा तू मामूली
मैं बोला तू है ज़्यादा बतूनी
करने की मेरे को judge
है तेरको किसने इजाज़त दी?
कला से काबिलियत मैंने सिद्ध की
जैसे Nawazuddin
वो अपनी T-shirt उतारे घुमारी, वो Ganguly
Switch up
अभी यही थी अब वो कहाँ पे गई
बताके भागी नाम भी नी
लोरी मेरी रातो की
हसीन शकल है पारो सी
वो पापा को बहाना देके है घुमारी Maruti
है figure जैसे नाशपाती और dress पहनी जामुनी (uhh)
समझे मुझे बच्चा
खड़ी इतना भाव उसे खुद भी नी पचरा
चिकनी मिट्टी बोलके करती है बगल से धप्पा
तुझको आना है तो यहाँ को आ नी आना है तो मत्त आ देवी
ऐसा फंडा है कि
ढता लंका घर का भेदी
दिल पे मारा ताला की सड़ा लिया बंद हवेली
जितना माँगा तुझसे उससे ज़्यादा प्यार है जनता देती
Timepass मैं नी कभी बोला उसे बनजा मेरी
पर अब वो चेप जैसे Fevicol
नहीं हूँ मैं serious, trip है तो पहली बोल
20 पे मामूली, 25 पे I have it all
दिल पे है चोट लेकिन साथ में है दोस्त तो फिर
12 बजे
लौंडे सवार
गाड़ी भागे
शीशे से बाहर
छाती रहे
है लौंडे दहाड़
चूहे छुपे हम ना खोदे पहाड़
लोहा ले लौंडो से जैसे लुहार
शकल है New York से लेके LA
उसने सुना और वो बोली “क्या?!!”
क्या लगता हूँ बंदा मैं मामूली?
मामूली
वो सोचे के बंदा मैं मामूली
कलम है जादुई
तो आती है धमकियाँ कानूनी
मेरे घंटे से fame
यहाँ पे भरते है पन्ने
जब छिलती है arteries
लौंडे बनारे monopoly
खरीदू घर इनके फिर get the fuck off my property
Battle Reports
Intel / Context
Brief
"Nawazuddin" is a boastful track where Seedhe Maut asserts their dominance and rejects the notion of being ordinary. They showcase their lyrical prowess and dismiss those who underestimate them, drawing a parallel to Nawazuddin Siddiqui's rise to fame.
Written By
Seedhe Maut