Bayaan
Track

Pankh

Album:Bayaan

Intel / Context

Brief

"Pankh" delves into themes of disillusionment, societal pressures, and the struggle to maintain individuality in a world that often feels restrictive and conformist. The artists reflect on personal struggles, industry expectations, and the search for genuine connection amidst superficiality.

Type
Track
Vibe
Introspective

Written By

Seedhe Maut

Lyrics / Hindi

SEEDHE MAUT

Sez on the Beat

BAWARIBASANTI

अब उड़ चलें, हम-तुम कहाँ?

"यहाँ, यहाँ"

CALM

उठो, बनो बड़ा, पढ़ो लिखो, दिल हो ना हो

बोलो जो वो बोलो

जो ना माने पीटो बेटा, लाओ ला डंडा

क्या बात है?

क्या बात है?

पाँव छुओ चलो क्या बात है?

गये कहाँ संस्कार तेरे?

जीता गलतफहमी में तू सोचे घूमे आगे-पीछे संसार तेरे

पहले धन छाप बेटे, उन्हें घंटा खेद है

होती light नहीं उस शहर में जहाँ पंखा fail है बोल, "धप्पा"

पूरे दिन गड़ी phone में नज़र

लाडसाहब की लालसा भी गुम, चल जाग जा

टूटे दिल, बजे phone में ग़ज़ल

आज रात की बात है कल जाम है बे हँस जा

ये ध्यान है जड़ हैं मर रहे लोग (फँस जा)

ले बहन वो पहन makeup लगा (थम जा)

भेजा ये पैर दो हाथ पकड़े कम क्या? (कम)

पंख हैं तो पूरे फैला, बस क्या?

हर कोई बाँसुरी बजाते हैं बस में

चले बस ना किसी का

एक ही बस में बैठा सभी बस्तों में लिये टूटे सपने

बचने को जगह नहीं बची मेरे बच्चे, ढकदो

ये लाश ये आँसू खून ये जान मत लो

है सारी शासन झूठ ये बात रट लो

उठा भरोसा साफ़ है सब यहाँ खाली छोड़ हैं

बाहर उड़ान भर लो

BAWARIBASANTI

चल चलें, हम-तुम वहाँ, जहाँ हो धुन नयी

BAWARIBASANTI & CALM

आँख खोल, ऊपर देख

पंखों को फैला और भर उड़ान

(ऊपर ही, ऊपर ही)

(ऊपर ही, ऊपर ही, ऊपर ही)

आँख खोल, ऊपर देख

पंखों को फैला और भर उड़ान

(ऊपर ही, ऊपर ही)

(ऊपर ही, ऊपर ही, ऊपर ही)

ENCORE ABJ

पता होता मुझे साली बात बढ़ जायेगी तो चुप ही रहता

चल चुप हूँ मैं बता फिर तू क्यूँ है सहता?

घर पे सुनता, school पे सुनता

बता मुझे कि तू क्यूँ है सहता?

सब से सुनता डर के सुनता

बता मुझे कि तू क्यूँ है बहका?

खुद से तुच्छे लोग तुझे बोले सस्ता

उनसे खुद पे load लेके भूल ना रास्ता पर आम

तेरी पलकों पे लेटा लिखूँ आधी नींद में

इतना तो जायज है (शायद से)

प्यार से ज़्यादा है प्यारा

साधू की नीयत से न्यारा

अक पंक्षी के पंखों से हल्का से हल्का ये रिश्ता हमारा

इतना सा कहना मैं चाह रहा

कि मुझपे नहीं है कोई चारा

मैं जी लिया काफी बेचारा-सा

Industry देती है चारा

जिसे मैं घंटा नहीं खा रहा था

क्या कहा था इनसे जब शुरू में करने था जा रहा?

चलना है मंज़िल तक मैं चलता ही जा रहा (चलेगा?)

किसी की आँखों में मैं तारा

किसी की आँखों में आवारा

बस तेरी आँखों का सहारा था

BAWARIBASANTI

चल चलें, हम-तुम वहाँ, जहाँ हो धुन नयी

BAWARIBASANTI & CALM

आँख खोल, ऊपर देख

पंखों को फैला और भर उड़ान

(ऊपर ही, ऊपर ही)

(ऊपर ही, ऊपर ही, ऊपर ही)

आँख खोल, ऊपर देख

पंखों को फैला और भर उड़ान

(ऊपर ही, ऊपर ही)

(ऊपर ही, ऊपर ही, ऊपर ही)

Battle Reports

CALM
VS
ENCORE
VS
BAWARIBASANTI
27216523
Words
42234
Bars
14510512
Vocab
26232
Flow Streak