Bayaan
Track

Uss Din

Album:Bayaan

Intel / Context

Brief

"Uss Din" is a introspective track where Seedhe Maut reflects on their journey, the challenges they've faced, and their current status in the Desi Hip Hop scene. They touch upon themes of authenticity, dealing with industry pressures, and staying true to themselves amidst the fame and success.

Type
Track
Vibe
Introspective

Written By

Seedhe Maut

Lyrics / Hindi

SEEDHE MAUT

Sez on the Beat Boy

CALM

Check

इस मुँह से निकले जो भी (OP)

सुनले रूह से जो भी (OD)

छोड़ ही लो खोटी जो कल की थी किस्मत

एक बड़ी कोठी हो, रोजी हो

पहनना बस coat ही हो, Rolly हो

गड्डी नोटों की भी मोटी हो, टोली हो fans की

सो लियो चैन से उस दिन

CHORUS

अभी के जैसे ना बोतल भी खोलेगी, चैन से उस दिन

मचेगा भौकाल और औकात भी दिखेगी, चैन से उस दिन

इनको लगे पूरे दस साल

जो किया दो सालों में बहुत ही मुश्किल

बस बचे अब और ही कुछ दिन

CALM

इस दौड़ में फ़ालतू की चौड़

या तौर की वजह से मौत है मुमकिन

ना आया बनाने में रिश्तेदारी

धक्के देके रख के देना जिसके टट्टे भारी

हम कभी झुके ना हल्के में ना लेना बंदे भारी (बंदे भारी)

चप्पे-चप्पे गप्पें चालू, चर्चा भर के जारी सीधे मौत की बारी

सबको दिखा देंगे मूल गया

बितक बेवजह मत फुदक

बेझिझक चटा देंगे धूल

किल्लत भगा देंगे दूर

खूबी सा ज़िंदगी movie

ये noobie सा खूनी रे, छूरी से दूर

ये puny दूँ सारे में चूर

है गुदा और fury ज़रूर

छोड़ पीछे पिड्डी अब तभी बैठूँगा मैं पूरे सुकून से

सर से घर वालों की उड़ेंगी दिक्कतें जिस दिन

CHORUS

अभी के जैसे ना बोतल भी खोलेगी, चैन से उस दिन

मचेगा भौकाल और औकात भी दिखेगी, चैन से उस दिन

इनको लगे पूरे दस साल

जो किया दो सालों में बहुत ही मुश्किल

बस बचे अब और ही कुछ दिन

CALM

जब उतरेगी कंधों से ज़िम्मेदारी

अभी कमीना मन कमीना चाहिये सब

पर साली सर पर हावी

पेटी पे, पेटी पे, पेटी पे, कर आज ही डकैती

कर राज ही वो कहती प्रणाली में कैदी अनेक हैं

इंसाफ़ में ना देरी चालांकि भतेरी

कला की कचहरी में पेश है (आधे ये ज़्यादा industry)

गाँड़ जली तो टकटकी लगा के देखे काफी

सीधे किल्ली उड़ा दे तिल्ली जले मेरे दिल्ली मेरी किसी सीसी की ना

अंदर काफी बातें दबा के बैठा जो सकल पे कभी भी दिखेंगी ना

बिकेंगी पर उस दिन तक दिक़्क़त ये टिकेंगी ना

अभी कमीना मन कमीना चाहिये सब

बुज़दिल या बाज़ हो सब कुछ दिन मेहमान हो

बितालो खुशी से या भुगतो

क्यूँ किश्तों से रिश्तों पे? कुछ तो फरक है

मेहनत के फल में और काजू और पिस्तों में

कुछ तो अलग है, क्यूँ खुद चाटे खुदकी?

ये कुत्तों से खुद को कलंक हैं

CHORUS

अभी के जैसे ना बोतल भी खोलेगी, चैन से उस दिन

मचेगा भौकाल और औकात भी दिखेगी, चैन से उस दिन

इनको लगे पूरे दस साल

जो किया दो सालों में बहुत ही मुश्किल

बस बचे अब और ही कुछ दिन

जब उतरेगी कंधों से ज़िम्मेदारी

अभी कमीना मन कमीना चाहिये सब

पर साली सर पर हावी

पेटी पे, पेटी पे, पेटी पे, कर आज ही डकैती

कर राज ही वो कहती प्रणाली में कैदी अनेक हैं

इंसाफ़ में ना देरी चालांकि भतेरी

कला की कचहरी में पेश है (आधे ये ज़्यादा industry)

Battle Reports

CALM
309
Words
42
Bars
203
Vocab
18
Flow Streak